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वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide)
हिन्दी में वेब डिजाइन ट्यूटोरियल (Web Design Tutorial in Hindi)
वेबसाइट (website) की रूपरेखा (design) तैयार करना
यह निश्चय कर लेने के बाद कि आपके वेबसाइट (website) का लक्ष्य क्या है और उसे देखने के लिये किस प्रकार के लोग आयेंगे, आपको अपने वेबसाइट (website) की रूपरेखा (design) तैयार करनी होगी। दर्शकदीर्घा (audience) के लोगों को ध्यान में रख कर सोचना होगा कि आप ग्राफिक्स (graphics) का प्रयोग करेंगे या नहीं। क्या एनीमेशन (animation) या संगीत (music) का प्रयोग उचित होगा? आदि, आदि। एक बार रूपरेखा (design) तैयार कर लेने के बाद आपको अपने वेबसाइट के प्रत्येक पेज को उसी रूपरेखा के अनुसार बनाना होगा।

किसी भी वेबसाइट के लिये उसके अन्तर्गत प्रदान की गई पठन सामग्री (content) का सर्वाधिक महत्व होता है। एक बहुत सुन्दर वेबसाइट (website) में यदि पढ़ने के लिये कुछ भी रोचक सामग्री न मिले तो कोई भी उसे पसंद नहीं करेगा। इसके विपरीत किसी सामान्य वेबसाइट (website) में भी यदि आकर्षक पठन सामग्री (content) हो तो लोग अवश्य ही उस वेबसाइट (website) में आते हैं और यदि उसको सामान्य के स्थान पर अतिसुन्दर बना दिया जाये तो सोने में सुहागा हो जाता है। अतः आपको अपने वेबसाइट (website) के लिये ऐसे संदेशों का निर्माण करना होगा जिसे लोग पसंद करें। इसके लिये आपको अपनी कल्पना शक्ति को तीक्ष्णतम बनाना होगा। मेरा विश्वास है कि प्रयास करने पर आप अच्छे लेख लिख ही लेंगे किन्तु यदि आपको लगता है कि शायद आप इस कार्य के लिये सक्षम नहीं हैं तो किसी व्यवसायिक लेखक की सेवायें प्राप्त कर सकते हैं।
पर एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि किसी दूसरे की रचना का उपयोग आप अपने वेबसाइट में करते हैं तो उनसे पूर्व अनुमति प्राप्त कर लें और दूसरों की रचना की चोरी तो कदापि न करें।
यह भी जान लें कि किसी समाचार पत्र या पत्रिका के लिये लिखे गये लेख और किसी वेबसाइट के लिये लिखे गये लेख में बहुत अन्तर होता है। समाचार पत्र या पत्रिका में केवल पढ़ने के लिये ही सामग्री होती है किन्तु वेबसाइट (website) में देखने व सुनने के लिये भी चीजें होती हैं जैसे कि फोटो (photos), ग्राफिक्स (graphics), संगीत (music), व्हीडियो (videos) आदि। तो खूब सोच समझ कर फोटो (photos), ग्राफिक्स (graphics), संगीत (music), व्हीडियो (videos) आदि का प्रयोग करके अपने वेबसाइट (website) को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास करें। किन्तु बड़े आकार वाली फाइलों का प्रयोग न करें क्योंकि उनसे वेबसाइट (website) के लोड होने में देर होने लगती है और दर्शकदीर्घा (audience) के लोग प्रतीक्षा करना बिल्कुल पसंद नहीं करते।
अलग अलग लोग अलग अलग प्रकार के पर्सनल कम्प्यूटर (personal computers) प्रयोग करते हैं और यह आवश्यक नहीं है कि आपका वेबसाइट (website) प्रत्येक कम्प्यूटर (computer) में लोड होने के लिये एक समान समय ले। वेबसाइट के लिये सामग्री लिखते समय ध्यान में रखें कि छोटी सामग्री ही अत्यधिक उपयुक्त होती है अर्थात् आपको 'गागर में सागर' वाली उक्ति का प्रयोग करना होगा।
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